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सहीह मुस्लिम

नंबर 5808

नंबर 5808किताब 39, नंबर 160अरबी नंबरिंग 2225.05
وَحَدَّثَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، بِهَذَا الإِسْنَادِ مِثْلَهُ وَلَمْ يَقُلْ ‏ "‏ حَقٌّ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Shu'ba with the same chain of transmitters but there is no mention of the word" Haqq"" (fact)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।