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सहीह मुस्लिम

नंबर 5807

नंबर 5807किताब 39, नंबर 159अरबी नंबरिंग 2225.04
وَحَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَكَمِ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عُمَرَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ زَيْدٍ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَاهُ، يُحَدِّثُ عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ ‏ "‏ إِنْ يَكُنْ مِنَ الشُّؤْمِ شَىْءٌ حَقٌّ فَفِي الْفَرَسِ وَالْمَرْأَةِ وَالدَّارِ ‏"‏ ‏.‏
Umar b. Muhammad b. Zaid reported that he heard his father narrating from Ibn 'Umar that Allah's Messenger (ﷺ) had said. If bad luck is a fact, then it is in the horse, the woman and the house

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।