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सहीह मुस्लिम

नंबर 5799

नंबर 5799किताब 39, नंबर 151अरबी नंबरिंग 2223.02
وَحَدَّثَنِي عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ شُعَيْبِ بْنِ اللَّيْثِ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ جَدِّي، حَدَّثَنِي عُقَيْلُ بْنُ، خَالِدٍ ح وَحَدَّثَنِيهِ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الدَّارِمِيُّ، أَخْبَرَنَا أَبُو الْيَمَانِ، أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، كِلاَهُمَا عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَهُ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ عُقَيْلٍ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ وَلَمْ يَقُلْ سَمِعْتُ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ شُعَيْبٍ قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَمَا قَالَ مَعْمَرٌ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Zuhri with the same chain of transmitters but with a slight variation of wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।