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सहीह मुस्लिम

नंबर 5798

नंबर 5798किताब 39, नंबर 150अरबी नंबरिंग 2223.01
وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ، اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏"‏ لاَ طِيَرَةَ وَخَيْرُهَا الْفَأْلُ ‏"‏ ‏.‏ قِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ وَمَا الْفَأْلُ قَالَ ‏"‏ الْكَلِمَةُ الصَّالِحَةُ يَسْمَعُهَا أَحَدُكُمْ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported:I heard Allah's Messenger (ﷺ) as saying: There is no divination but the best type is the good omen. It was said to Allah's Messenger (ﷺ): What is good omen? Thereupon he said: A good word which one of you hears

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।