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सहीह मुस्लिम

नंबर 5742

नंबर 5742किताब 39, नंबर 96अरबी नंबरिंग 2205.01
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ مَعْرُوفٍ، وَأَبُو الطَّاهِرِ، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي عَمْرٌو، أَنَّ بُكَيْرًا، حَدَّثَهُ أَنَّ عَاصِمَ بْنَ عُمَرَ بْنِ قَتَادَةَ حَدَّثَهُ أَنَّ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ عَادَ الْمُقَنَّعَ ثُمَّ قَالَ لاَ أَبْرَحُ حَتَّى تَحْتَجِمَ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ فِيهِ شِفَاءً ‏"‏ ‏.‏
Jabir reported that he visited Muqanna' and then said:I will not go away unless you get yourself cupped, for I heard Allah's Messenger (ﷺ) say: It is a remedy

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।