सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 5695

नंबर 5695किताब 39, नंबर 49अरबी नंबरिंग 2183.02
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، وَابْنُ، نُمَيْرٍ ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ، نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا أَبِي ح، وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَعُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، - وَهُوَ ابْنُ سَعِيدٍ - كُلُّهُمْ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، وَابْنُ، رُمْحٍ عَنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ، وَأَبُو كَامِلٍ قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ أَيُّوبَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ، بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ أَيُّوبَ بْنَ مُوسَى، كُلُّ هَؤُلاَءِ عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَى حَدِيثِ مَالِكٍ ‏.‏
This hadith has been reported on the authority of lbn 'Umar through two different chains of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।