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सहीह मुस्लिम

नंबर 5686

नंबर 5686किताब 39, नंबर 40अरबी नंबरिंग 2177.04
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَالِمٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يُقِيمَنَّ أَحَدُكُمْ أَخَاهُ ثُمَّ يَجْلِسُ فِي مَجْلِسِهِ ‏"‏ ‏.‏ وَكَانَ ابْنُ عُمَرَ إِذَا قَامَ لَهُ رَجُلٌ عَنْ مَجْلِسِهِ لَمْ يَجْلِسْ فِيهِ ‏.‏
Ibn 'Umar reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:None should make one'& brother stand and then sit at his place (and it was common with) Ibn Umar that when any person stood in the company (with a view to making room for him) he did not sit there

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।