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सहीह मुस्लिम

नंबर 5684

नंबर 5684किताब 39, नंबर 38अरबी नंबरिंग 2177.02
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، ح وَحَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، - وَهْوَ الْقَطَّانُ - ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، - يَعْنِي الثَّقَفِيَّ - كُلُّهُمْ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، وَأَبُو أُسَامَةَ وَابْنُ نُمَيْرٍ قَالُوا حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يُقِيمُ الرَّجُلُ الرَّجُلَ مِنْ مَقْعَدِهِ ثُمَّ يَجْلِسُ فِيهِ وَلَكِنْ تَفَسَّحُوا وَتَوَسَّعُوا ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Umar reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:No person should ask another person to stand at his place and then he should himself sit there, but he should simply say: Make room and accommodate

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।