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सहीह मुस्लिम

नंबर 5504

नंबर 5504किताब 37, नंबर 119अरबी नंबरिंग 2100.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عَبَّادِ بْنِ تَمِيمٍ، عَنْ عَمِّهِ، أَنَّهُ رَأَى رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مُسْتَلْقِيًا فِي الْمَسْجِدِ وَاضِعًا إِحْدَى رِجْلَيْهِ عَلَى الأُخْرَى ‏.‏
Abbad b. Tamim reported from his uncle that he saw Allah's Messenger (ﷺ) lying in the mosque and placing his one foot upon the other

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।