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सहीह मुस्लिम

नंबर 5503

नंबर 5503किताब 37, नंबर 118अरबी नंबरिंग 2099.05
وَحَدَّثَنِي إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، أَخْبَرَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ، حَدَّثَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ، - يَعْنِي ابْنَ الأَخْنَسِ - عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَسْتَلْقِيَنَّ أَحَدُكُمْ ثُمَّ يَضَعُ إِحْدَى رِجْلَيْهِ عَلَى الأُخْرَى ‏"‏ ‏.‏
Jalbir b. Abdullah reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:None of you should lie on his back and place one of his feet upon the other

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।