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सहीह मुस्लिम

नंबर 5479

नंबर 5479किताब 37, नंबर 94अरबी नंबरिंग 2092.02
وَحَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ قَالُوا حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - يَعْنُونَ ابْنَ عُلَيَّةَ - عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ، عَنْ أَنَسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِهَذَا وَلَمْ يَذْكُرْ فِي الْحَدِيثِ مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ ‏.‏
This hadith has been reported on the authority of Anas through another chain of transmitters but there is no mention of the words (Muhammad, Messenger of Allah) in it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।