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सहीह मुस्लिम

नंबर 5423

नंबर 5423किताब 37, नंबर 38अरबी नंबरिंग 2071.04
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ مَيْسَرَةَ، عَنْ زَيْدِ بْنِ وَهْبٍ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، قَالَ كَسَانِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حُلَّةَ سِيَرَاءَ فَخَرَجْتُ فِيهَا فَرَأَيْتُ الْغَضَبَ فِي وَجْهِهِ - قَالَ - فَشَقَقْتُهَا بَيْنَ نِسَائِي ‏.‏
Ali b. Abu Talib reported that Allah's Messenger (ﷺ) gave me to wear a garment in the form of silk cloak. I went out wearing it, but saw signs of anger on his face, so I tore it and distributed it amongst my women

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।