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सहीह मुस्लिम

नंबर 5421

नंबर 5421किताब 37, नंबर 36अरबी नंबरिंग 2071.02
حَدَّثَنَاهُ عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي ح، وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، - يَعْنِي ابْنَ جَعْفَرٍ - قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي عَوْنٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ فِي حَدِيثِ مُعَاذٍ فَأَمَرَنِي فَأَطَرْتُهَا بَيْنَ نِسَائِي ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ مُحَمَّدِ بْنِ جَعْفَرٍ فَأَطَرْتُهَا بَيْنَ نِسَائِي ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ فَأَمَرَنِي‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Muhammad b. Ja'far but with a slight variation of wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।