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सहीह मुस्लिम

नंबर 5062

नंबर 5062किताब 34, नंबर 91अरबी नंबरिंग 1958.02
وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا أَبُو بِشْرٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، قَالَ مَرَّ ابْنُ عُمَرَ بِفِتْيَانٍ مِنْ قُرَيْشٍ قَدْ نَصَبُوا طَيْرًا وَهُمْ يَرْمُونَهُ وَقَدْ جَعَلُوا لِصَاحِبِ الطَّيْرِ كُلَّ خَاطِئَةٍ مِنْ نَبْلِهِمْ فَلَمَّا رَأَوُا ابْنَ عُمَرَ تَفَرَّقُوا فَقَالَ ابْنُ عُمَرَ مَنْ فَعَلَ هَذَا لَعَنَ اللَّهُ مَنْ فَعَلَ هَذَا إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَعَنَ مَنِ اتَّخَذَ شَيْئًا فِيهِ الرُّوحُ غَرَضًا ‏.‏
सईद बिन जुबैर से रिवायत है कि अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- का ग़ुज़र क़ुरैश के कुछ युवकों के पास से हुआ, जिन्होंने एक चिड़िया को बांध रखा था तथा उसको निशाना बनाकर तीर चलाने का अभ्यास कर रहे थे और निशाने से चूकने वाला हर तीर चिड़िया के मालिक को देने की बात तय कर रखी थी। लेकिन जब अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- को देखा, तो इधर-उधर भाग खड़े हुए। यह देख अब्दुल्लाह बिन उमर -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- ने कहा : “जिसने ऐसा किया है उसपर अल्लाह की लानत हो। किसने किया है ऐसा? अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उसपर लानत भेजी है, जिसने किसी ऐसी वस्तु को निशाना बनाने के लिए उपयोग किया, जिसमें जान हो।”

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 34 · The Book of Hunting, Slaughter, and what may be Eaten

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।