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सहीह मुस्लिम

नंबर 5061

नंबर 5061किताब 34, नंबर 90अरबी नंबरिंग 1958.01
وَحَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، وَأَبُو كَامِلٍ - وَاللَّفْظُ لأَبِي كَامِلٍ - قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، قَالَ مَرَّ ابْنُ عُمَرَ بِنَفَرٍ قَدْ نَصَبُوا دَجَاجَةً يَتَرَامَوْنَهَا فَلَمَّا رَأَوُا ابْنَ عُمَرَ تَفَرَّقُوا عَنْهَا ‏.‏ فَقَالَ ابْنُ عُمَرَ مَنْ فَعَلَ هَذَا إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَعَنَ مَنْ فَعَلَ هَذَا ‏.‏
Sa'id b. Jubair reported that Ibn 'Umar happened to pass by a party of men who had tied a hen and were shooting arrows at it. As soon as they saw Ibn 'Umar, they scattered from it. Thereupon Ibn Umar said:Who has done this? Verily Allah's Messenger (ﷺ) has invoked curse upon him who does this

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · The Book of Hunting, Slaughter, and what may be Eaten

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।