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सहीह मुस्लिम

नंबर 5024

नंबर 5024किताब 34, नंबर 53अरबी नंबरिंग 1941.03
وَحَدَّثَنِيهِ أَبُو الطَّاهِرِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، ح وَحَدَّثَنِي يَعْقُوبُ الدَّوْرَقِيُّ، وَأَحْمَدُ بْنُ، عُثْمَانَ النَّوْفَلِيُّ قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، كِلاَهُمَا عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏
This hadith has hen transmitted on the authority of Ibn Juraij

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · The Book of Hunting, Slaughter, and what may be Eaten

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।