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सहीह मुस्लिम

नंबर 4987

नंबर 4987किताब 34, नंबर 16अरबी नंबरिंग 1931.03
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ صَالِحٍ، عَنِ الْعَلاَءِ، عَنْ مَكْحُولٍ، عَنْ أَبِي ثَعْلَبَةَ الْخُشَنِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم حَدِيثَهُ فِي الصَّيْدِ ثُمَّ قَالَ ابْنُ حَاتِمٍ حَدَّثَنَا ابْنُ مَهْدِيٍّ عَنْ مُعَاوِيَةَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ جُبَيْرٍ وَأَبِي الزَّاهِرِيَّةِ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ عَنْ أَبِي ثَعْلَبَةَ الْخُشَنِيِّ ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ الْعَلاَءِ غَيْرَ أَنَّهُ لَمْ يَذْكُرْ نُتُونَتَهُ وَقَالَ فِي الْكَلْبِ ‏ "‏ كُلْهُ بَعْدَ ثَلاَثٍ إِلاَّ أَنْ يُنْتِنَ فَدَعْهُ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Abu Tha'laba al- Khushani with a slight variation of (words):He (the Holy Prophet) said in regard to the game killed by (a trained) dog: Eat after three days provided it has not gone rotten

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · The Book of Hunting, Slaughter, and what may be Eaten

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।