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सहीह मुस्लिम

नंबर 4904

नंबर 4904किताब 33, नंबर 200अरबी नंबरिंग 1896.01
وَحَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ ابْنُ عُلَيَّةَ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، حَدَّثَنِي أَبُو سَعِيدٍ، مَوْلَى الْمَهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَعَثَ بَعْثًا إِلَى بَنِي لِحْيَانَ - مِنْ هُذَيْلٍ - فَقَالَ ‏ "‏ لِيَنْبَعِثْ مِنْ كُلِّ رَجُلَيْنِ أَحَدُهُمَا وَالأَجْرُ بَيْنَهُمَا ‏"‏ ‏.‏
It has been narrated on the authority of Abu Sa'id Khudri that the Messenger of Allah (ﷺ) sent a force to Banu Lihyan (who are from Banu Hudhail, and said:One man from every two and the reward (will be divided) between the two

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।