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सहीह मुस्लिम

नंबर 4903

नंबर 4903किताब 33, नंबर 199अरबी नंबरिंग 1895.02
حَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ الزَّهْرَانِيُّ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ، - يَعْنِي ابْنَ زُرَيْعٍ - حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ، الْمُعَلِّمُ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ، قَالَ قَالَ نَبِيُّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنَ جَهَّزَ غَازِيًا فَقَدْ غَزَا وَمَنْ خَلَفَ غَازِيًا فِي أَهْلِهِ فَقَدْ غَزَا ‏"‏ ‏.‏
The above tradition has been narrated on the authority of Khalid al- Juhani who said:The Prophet of Allah (ﷺ) said: He who equips a warrior in the way of Allah (is like one who dctually fights) aud he who looks after the family of a warrior in the way of Allah in fact participated in the battle

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।