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सहीह मुस्लिम

नंबर 4897

नंबर 4897किताब 33, नंबर 193अरबी नंबरिंग 1892.01
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الْحَنْظَلِيُّ، أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي عَمْرٍو، الشَّيْبَانِيِّ عَنْ أَبِي مَسْعُودٍ الأَنْصَارِيِّ، قَالَ جَاءَ رَجُلٌ بِنَاقَةٍ مَخْطُومَةٍ فَقَالَ هَذِهِ فِي سَبِيلِ اللَّهِ ‏.‏ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَكَ بِهَا يَوْمَ الْقِيَامَةِ سَبْعُمِائَةِ نَاقِةٍ كُلُّهَا مَخْطُومَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It has been narrated on the authority of Abu Mas'ud al-Ansari who said A man brought a muzzled she-camel and said:It is (offered) in the way of Allah. The Messenger of Allah (ﷺ) said: For this you will have seven hundred she-camels on the Day of Judgment all of which will be muzzled

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।