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सहीह मुस्लिम

नंबर 4891

नंबर 4891किताब 33, नंबर 187अरबी नंबरिंग 1889.03
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَ أَبُو كُرَيْبٍ قَالُوا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ بَعْجَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْجُهَنِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَى حَدِيثِ أَبِي حَازِمٍ عَنْ بَعْجَةَ وَقَالَ ‏ "‏ فِي شِعْبٍ مِنَ الشِّعَابِ ‏"‏ ‏.‏
Two more versions of the tradition narrated by 'Abdullah b. Badr and Abu Huraira, respectively, have been handed down through different chains of transmitters with negligible difference in the wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।