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सहीह मुस्लिम

नंबर 4890

नंबर 4890किताब 33, नंबर 186अरबी नंबरिंग 1889.02
وَحَدَّثَنَاهُ قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ أَبِي حَازِمٍ، وَيَعْقُوبُ، - يَعْنِي ابْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْقَارِيَّ - كِلاَهُمَا عَنْ أَبِي حَازِمٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَهُ وَقَالَ عَنْ بَعْجَةَ بْنِ، عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بَدْرٍ وَقَالَ ‏ "‏ فِي شِعْبَةٍ مِنْ هَذِهِ الشِّعَابِ ‏"‏ ‏.‏ خِلاَفَ رِوَايَةِ يَحْيَى ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Abu Huraira with a slight variation of wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।