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सहीह मुस्लिम

नंबर 4751

नंबर 4751किताब 33, नंबर 49अरबी नंबरिंग 1835.05
وَحَدَّثَنِي أَبُو كَامِلٍ الْجَحْدَرِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ يَعْلَى بْنِ عَطَاءٍ، عَنْ أَبِي عَلْقَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو هُرَيْرَةَ، مِنْ فِيهِ إِلَى فِيَّ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ح. وَحَدَّثَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي ح، وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ، بْنُ جَعْفَرٍ قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ يَعْلَى بْنِ عَطَاءٍ، سَمِعَ أَبَا عَلْقَمَةَ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم نَحْوَ حَدِيثِهِمْ ‏
This hadith has been narrated on the authority of Abu Huraira by more than one chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।