सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4750

नंबर 4750किताब 33, नंबर 48अरबी नंबरिंग 1835.04
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا مَكِّيُّ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ زِيَادٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَنَّ أَبَا سَلَمَةَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ سَوَاءً ‏
This hadith has been narrated on the authority of Abu Huraira through another chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।