सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4697

नंबर 4697किताब 32, नंबर 179अरबी नंबरिंग 1815.01
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبَّادٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمٌ، - يَعْنِي ابْنَ إِسْمَاعِيلَ - عَنْ يَزِيدَ، - وَهُوَ ابْنُ أَبِي عُبَيْدٍ قَالَ سَمِعْتُ سَلَمَةَ، يَقُولُ غَزَوْتُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سَبْعَ غَزَوَاتٍ وَخَرَجْتُ فِيمَا يَبْعَثُ مِنَ الْبُعُوثِ تِسْعَ غَزَوَاتٍ مَرَّةً عَلَيْنَا أَبُو بَكْرٍ وَمَرَّةً عَلَيْنَا أُسَامَةُ بْنُ زَيْدٍ ‏.‏
It has been narrated on the authority of Salama who said:I joined seven military expeditions led by the Messenger of Allah himself (ﷺ), and nine expeditions which he sent out once under Abu Bakr and once under Usama b. Zaid

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Jihad and Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।