सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4593

नंबर 4593किताब 32, नंबर 74अरबी नंबरिंग 1766.02
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي حَفْصُ بْنُ مَيْسَرَةَ، عَنْ مُوسَى، بِهَذَا الإِسْنَادِ هَذَا الْحَدِيثَ وَحَدِيثُ ابْنُ جُرَيْجٍ أَكْثَرُ وَأَتَمُّ ‏.‏
A similar hadith has been transmitted by a different chain of narrators, but the hadith narrated by Ibn Juraij is more detailed and complete

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Jihad and Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।