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सहीह मुस्लिम

नंबर 4551

नंबर 4551किताब 32, नंबर 32अरबी नंबरिंग 1745.03
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي عَمْرُو، بْنُ دِينَارٍ أَنَّ ابْنَ شِهَابٍ، أَخْبَرَهُ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ الصَّعْبِ بْنِ جَثَّامَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قِيلَ لَهُ لَوْ أَنَّ خَيْلاً أَغَارَتْ مِنَ اللَّيْلِ فَأَصَابَتْ مِنْ أَبْنَاءِ الْمُشْرِكِينَ قَالَ ‏ "‏ هُمْ مِنْ آبَائِهِمْ ‏"‏ ‏.‏
Sa'b b. Jaththama has narrated that the Prophet (ﷺ) asked:What about the children of polytheists killed by the cavalry during the night raid? He said: They are from them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Jihad and Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।