सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4491

नंबर 4491किताब 30, नंबर 22अरबी नंबरिंग 1717.02
وَحَدَّثَنَاهُ يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ، ح وَحَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سُفْيَانَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ، بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، ح وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي كِلاَهُمَا، عَنْ شُعْبَةَ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ عَلِيٍّ، عَنْ زَائِدَةَ، كُلُّ هَؤُلاَءِ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ، بْنِ عُمَيْرٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ أَبِي عَوَانَةَ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of 'Abd al-Rahman b. Abu Bakra through another chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Judicial Decisions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।