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सहीह मुस्लिम

नंबर 4404

नंबर 4404किताब 29, नंबर 7अरबी नंबरिंग 1685.01
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الرُّؤَاسِيُّ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ لَمْ تُقْطَعْ يَدُ سَارِقٍ فِي عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي أَقَلَّ مِنْ ثَمَنِ الْمِجَنِّ حَجَفَةٍ أَوْ تُرْسٍ وَكِلاَهُمَا ذُو ثَمَنٍ ‏.‏
A'isha reported that during the lifetime of Allah's Messenger (ﷺ) the hand of the thief was not cut off for less than the price of a shield, iron coat or armour and both of them are valuable

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · The Book of Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।