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सहीह मुस्लिम

नंबर 4402

नंबर 4402किताब 29, नंबर 5अरबी नंबरिंग 1684.05
حَدَّثَنِي بِشْرُ بْنُ الْحَكَمِ الْعَبْدِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، بْنِ الْهَادِ عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا سَمِعَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ تُقْطَعُ يَدُ السَّارِقِ إِلاَّ فِي رُبْعِ دِينَارٍ فَصَاعِدًا ‏"‏ ‏.‏
A'isha reported that she heard Allah's Apostle (ﷺ) as saying:The hand of the thief may not be cut off but for a quarter of a dinar and upwards

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · The Book of Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।