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सहीह मुस्लिम

नंबर 4401

नंबर 4401किताब 29, नंबर 4अरबी नंबरिंग 1684.04
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، وَهَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ الأَيْلِيُّ، وَأَحْمَدُ بْنُ عِيسَى، - وَاللَّفْظُ لِهَارُونَ وَأَحْمَدَ - قَالَ أَبُو الطَّاهِرِ أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآخَرَانِ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي مَخْرَمَةُ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ عَمْرَةَ، أَنَّهَا سَمِعَتْ عَائِشَةَ، تُحَدِّثُ أَنَّهَا سَمِعَتْ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ تُقْطَعُ الْيَدُ إِلاَّ فِي رُبْعِ دِينَارٍ فَمَا فَوْقَهُ ‏"‏ ‏.‏
A'isha reported:I heard Allah's Messenger (ﷺ) as saying: The hand (of a thief) should not be cut off but for a quarter of a dinar and what is above that

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · The Book of Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।