सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4380

नंबर 4380किताब 28, नंबर 39अरबी नंबरिंग 1677.02
وَحَدَّثَنَاهُ عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ، وَعِيسَى بْنُ يُونُسَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، كُلُّهُمْ عَنِ الأَعْمَشِ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَفِي حَدِيثِ جَرِيرٍ وَعِيسَى بْنِ يُونُسَ ‏ "‏ لأَنَّهُ سَنَّ الْقَتْلَ ‏"‏ ‏.‏ لَمْ يَذْكُرَا أَوَّلَ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Jarir and 'Isa b. Yunus with a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · The Book of Oaths, Muharibin, Qasas (Retaliation), and Diyat (Blood Money)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।