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सहीह मुस्लिम

नंबर 4379

नंबर 4379किताब 28, नंबर 38अरबी नंबरिंग 1677.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، - وَاللَّفْظُ لاِبْنِ أَبِي شَيْبَةَ - قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُرَّةَ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَبْدِ، اللَّهِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تُقْتَلُ نَفْسٌ ظُلْمًا إِلاَّ كَانَ عَلَى ابْنِ آدَمَ الأَوَّلِ كِفْلٌ مِنْ دَمِهَا لأَنَّهُ كَانَ أَوَّلَ مَنْ سَنَّ الْقَتْلَ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah (b. Mas'ud) reported:Allah's Apostle (ﷺ) having said: No person who is killed unjustly, but the share of (this offence of his also) falls upon the first son of Adam, for he was the first to introduce killing

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · The Book of Oaths, Muharibin, Qasas (Retaliation), and Diyat (Blood Money)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।