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सहीह मुस्लिम

नंबर 4293

नंबर 4293किताब 27, नंबर 40अरबी नंबरिंग 1656.02
وَحَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ يَعْنِي الثَّقَفِيَّ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، وَإِسْحَاقُ، بْنُ إِبْرَاهِيمَ جَمِيعًا عَنْ حَفْصِ بْنِ غِيَاثٍ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ جَبَلَةَ بْنِ أَبِي رَوَّادٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، كُلُّهُمْ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، وَقَالَ، حَفْصٌ مِنْ بَيْنِهِمْ عَنْ عُمَرَ، بِهَذَا الْحَدِيثِ أَمَّا أَبُو أُسَامَةَ وَالثَّقَفِيُّ فَفِي حَدِيثِهِمَا اعْتِكَافُ لَيْلَةٍ ‏.‏ وَأَمَّا فِي حَدِيثِ شُعْبَةَ فَقَالَ جَعَلَ عَلَيْهِ يَوْمًا يَعْتَكِفُهُ ‏.‏ وَلَيْسَ فِي حَدِيثِ حَفْصٍ ذِكْرُ يَوْمٍ وَلاَ لَيْلَةٍ ‏.‏
This hadith is transmitted on the authority of Ibn Umar with a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Oaths

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।