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सहीह मुस्लिम

नंबर 4179

नंबर 4179किताब 24, नंबर 17अरबी नंबरिंग 1623.03
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَابْنُ أَبِي عُمَرَ، عَنِ ابْنِ عُيَيْنَةَ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، وَابْنُ، رُمْحٍ عَنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ، ح وَحَدَّثَنِي حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا ابْنُ، وَهْبٍ قَالَ أَخْبَرَنِي يُونُسُ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالاَ أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، كُلُّهُمْ عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ أَمَّا يُونُسُ وَمَعْمَرٌ فَفِي حَدِيثِهِمَا ‏"‏ أَكُلَّ بَنِيكَ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ اللَّيْثِ وَابْنِ عُيَيْنَةَ ‏"‏ أَكُلَّ وَلَدِكَ ‏"‏ ‏.‏ وَرِوَايَةُ اللَّيْثِ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ النُّعْمَانِ وَحُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّ بَشِيرًا جَاءَ بِالنُّعْمَانِ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Zuhri with different chains of transmitters and a slight variation of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।