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सहीह मुस्लिम

नंबर 4112

नंबर 4112किताब 22, नंबर 151अरबी नंबरिंग 1601.03
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ كُهَيْلٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ جَاءَ رَجُلٌ يَتَقَاضَى رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَعِيرًا فَقَالَ ‏ "‏ أَعْطُوهُ سِنًّا فَوْقَ سِنِّهِ - وَقَالَ - خَيْرُكُمْ أَحْسَنُكُمْ قَضَاءً ‏"‏ ‏
Abu Huraira (Allah be pleased with him) reported:There came a person demanding a camel from Allah's Messenger (ﷺ). He (the Holy Prophet) said: Give him (the camel) of that age or of more mature age, and said: Best among you is one who is best in clearing off the debt

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Musaqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।