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सहीह मुस्लिम

नंबर 4111

नंबर 4111किताब 22, नंबर 150अरबी नंबरिंग 1601.02
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ صَالِحٍ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ كُهَيْلٍ، عَنْ أَبِي، سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ اسْتَقْرَضَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سِنًّا فَأَعْطَى سِنًّا فَوْقَهُ وَقَالَ ‏ "‏ خِيَارُكُمْ مَحَاسِنُكُمْ قَضَاءً ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira (Allah be pleased with him) reported:Allah's Messenger (ﷺ) took a camel on loan, and then returned him (the lender) the camel of a more mature age and said: Good among you are those who are good in clearing off the debt

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Musaqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।