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सहीह मुस्लिम

नंबर 3988

नंबर 3988किताब 22, नंबर 27अरबी नंबरिंग 1559.02
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، جَمِيعًا عَنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ، وَيَحْيَى بْنُ حَبِيبٍ الْحَارِثِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، - يَعْنِي ابْنَ زَيْدٍ - ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، وَيَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، وَحَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ، كُلُّ هَؤُلاَءِ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، فِي هَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ بِمَعْنَى حَدِيثِ زُهَيْرٍ وَقَالَ ابْنُ رُمْحٍ مِنْ بَيْنِهِمْ فِي رِوَايَتِهِ أَيُّمَا امْرِئٍ فُلِّسَ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Yahya b. Sa'id with the same chain of transmitters (but with a slight variation of words and these are)" Whenever a man becomes poor

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Musaqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।