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सहीह मुस्लिम

नंबर 3974

नंबर 3974किताब 22, नंबर 13अरबी नंबरिंग 1553.02
وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا أَبَانُ بْنُ يَزِيدَ، حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ، أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ نَخْلاً لأُمِّ مُبَشِّرٍ - امْرَأَةٍ مِنَ الأَنْصَارِ - فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ غَرَسَ هَذَا النَّخْلَ أَمُسْلِمٌ أَمْ كَافِرٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا مُسْلِمٌ ‏.‏ بِنَحْوِ حَدِيثِهِمْ ‏.‏
Anas b. Malik (Allah be pleased with him) reported that Allah's Apostle (ﷺ) visited the date-palms of Umm Mubashshir (Allah be pleased with her), a lady from the Ansar, and said:Who planted this palm-a Muslim or an unbelievers The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Musaqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।