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सहीह मुस्लिम

नंबर 3918

नंबर 3918किताब 21, नंबर 117अरबी नंबरिंग 1536.13
حَدَّثَنَا الْحَكَمُ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا هِقْلٌ، - يَعْنِي ابْنَ زِيَادٍ - عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ كَانَ لِرِجَالٍ فُضُولُ أَرَضِينَ مِنْ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ كَانَتْ لَهُ فَضْلُ أَرْضٍ فَلْيَزْرَعْهَا أَوْ لِيَمْنَحْهَا أَخَاهُ فَإِنْ أَبَى فَلْيُمْسِكْ أَرْضَهُ ‏"‏ ‏.‏
Jabir b. Abdullah (Allah be pleased with them) reported some of the Companions of Allah's Messenger (ﷺ) had surplus of land. Thereupon Allah's Messenger (ﷺ) said:He, who has surplus land (in his possession) should cultivate it, or he should lend it to his brother for benefit, but if he refuses to accept it, he should retain it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।