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सहीह मुस्लिम

नंबर 3917

नंबर 3917किताब 21, नंबर 116अरबी नंबरिंग 1536.12
وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْفَضْلِ، - لَقَبُهُ عَارِمٌ وَهُوَ أَبُو النُّعْمَانِ السَّدُوسِيُّ - حَدَّثَنَا مَهْدِيُّ بْنُ مَيْمُونٍ، حَدَّثَنَا مَطَرٌ الْوَرَّاقُ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ كَانَتْ لَهُ أَرْضٌ فَلْيَزْرَعْهَا فَإِنْ لَمْ يَزْرَعْهَا فَلْيُزْرِعْهَا أَخَاهُ ‏"‏ ‏.‏
Jabir b. Abdullah (Allah be pleased with them) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:He who has land should cultivate it himself, but if he does not cultivate it himself, then he should let his brother cultivate it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।