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सहीह मुस्लिम

नंबर 3776

नंबर 3776किताब 20, नंबर 7अरबी नंबरिंग 1504.01
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا أَرَادَتْ أَنْ تَشْتَرِيَ، جَارِيَةً تُعْتِقُهَا فَقَالَ أَهْلُهَا نَبِيعُكِهَا عَلَى أَنَّ وَلاَءَهَا لَنَا ‏.‏ فَذَكَرَتْ ذَلِكَ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ لاَ يَمْنَعُكِ ذَلِكَ فَإِنَّمَا الْوَلاَءُ لِمَنْ أَعْتَقَ ‏"‏‏.‏
Ibn Umar reported that 'A'isha decided to buy a slave-girl and then set her free, but her masters said:We are prepared to sell her to you on the condition that her right of inheritance would vest with you. She (Hadrat A'isha) made a mention of that to Allah's Messenger (ﷺ) whereupon he said: This should not stand in your way. The right of inheritance vests in one who emancipates

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Book of Emancipating Slaves

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।