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सहीह मुस्लिम

नंबर 3775

नंबर 3775किताब 20, नंबर 6अरबी नंबरिंग 1503.03
حَدَّثَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ، سَمِعْتُ قَتَادَةَ، يُحَدِّثُ بِهَذَا الإِسْنَادِ بِمَعْنَى حَدِيثِ ابْنِ أَبِي عَرُوبَةَ وَذَكَرَ فِي الْحَدِيثِ قُوِّمَ عَلَيْهِ قِيمَةَ عَدْلٍ
A hadith like this is reported on the authority of the same chain of transmitters but with a slight change of words

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Book of Emancipating Slaves

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।