सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3716

नंबर 3716किताब 18, नंबर 64अरबी नंबरिंग 1480.20
وَحَدَّثَنِي حَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْحُلْوَانِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا حَسَنُ بْنُ صَالِحٍ، عَنِ السُّدِّيِّ، عَنِ الْبَهِيِّ، عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ قَيْسٍ، قَالَتْ طَلَّقَنِي زَوْجِي ثَلاَثًا فَلَمْ يَجْعَلْ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سُكْنَى وَلاَ نَفَقَةً ‏.‏
Fatima bint Qais (Allah be pleased with her) reported:My husband divorced me with three pronouncements and Allah's Messenger (ﷺ) made no provision for lodging and maintenance allowance

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।