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सहीह मुस्लिम

नंबर 3715

नंबर 3715किताब 18, नंबर 63अरबी नंबरिंग 1480.19
وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ الْعَنْبَرِيُّ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، حَدَّثَنِي أَبُو بَكْرٍ، قَالَ دَخَلْتُ أَنَا وَأَبُو سَلَمَةَ عَلَى فَاطِمَةَ بِنْتِ قَيْسٍ زَمَنَ ابْنِ الزُّبَيْرِ فَحَدَّثَتْنَا أَنَّ زَوْجَهَا طَلَّقَهَا طَلاَقًا بَاتًّا ‏.‏ بِنَحْوِ حَدِيثِ سُفْيَانَ ‏.‏
Abu Bakr reported:I and Abu Salama came to Fatima bint Qais (Allah be pleased with her) during the time of Ibn Zubair (Allah be pleased with him) and she narrated to us that her husband gave her an irrevocable divorce. (The rest of the hadith is the same)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।