सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 3672

नंबर 3672किताब 18, नंबर 21अरबी नंबरिंग 1471.21
وَحَدَّثَنِيهِ مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ أَيْمَنَ، مَوْلَى عُرْوَةَ يَسْأَلُ ابْنَ عُمَرَ وَأَبُو الزُّبَيْرِ يَسْمَعُ بِمِثْلِ حَدِيثِ حَجَّاجٍ وَفِيهِ بَعْضُ الزِّيَادَةِ ‏.‏ قَالَ مُسْلِمٌ أَخْطَأَ حَيْثُ قَالَ عُرْوَةَ إِنَّمَا هُوَ مَوْلَى عَزَّةَ ‏.‏
A hadith like this is reported on the same authority (but with this difference that the narrator) 'Abd al-Rahman b. Aiman (was mentioned) as the freed slave of 'Urwa (Imam Muslim said:He made a mistake who said that it was 'Urwa; it was in fact the freed slave of 'Azza)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · The Book of Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।