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सहीह मुस्लिम

नंबर 3558

नंबर 3558किताब 16, नंबर 160अरबी नंबरिंग 1439.03
وَحَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ الشَّاعِرِ، حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ الزُّبَيْرِيُّ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ حَسَّانَ، قَاصُّ أَهْلِ مَكَّةَ أَخْبَرَنِي عُرْوَةُ بْنُ عِيَاضِ بْنِ عَدِيِّ بْنِ الْخِيَارِ النَّوْفَلِيُّ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ، اللَّهِ قَالَ جَاءَ رَجُلٌ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَى حَدِيثِ سُفْيَانَ ‏.‏
Jabir b. 'Abdullah (Allah be pleased with them) reported:A person came to Allah's Apostle (the rest of the hadith is the same)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।