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सहीह मुस्लिम

नंबर 3554

नंबर 3554किताब 16, नंबर 156अरबी नंबरिंग 1438.11
حَدَّثَنِي هَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ الأَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي مُعَاوِيَةُ، - يَعْنِي ابْنَ صَالِحٍ - عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ، عَنْ أَبِي الْوَدَّاكِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، سَمِعَهُ يَقُولُ سُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْعَزْلِ فَقَالَ ‏ "‏ مَا مِنْ كُلِّ الْمَاءِ يَكُونُ الْوَلَدُ وَإِذَا أَرَادَ اللَّهُ خَلْقَ شَىْءٍ لَمْ يَمْنَعْهُ شَىْءٌ ‏"‏ ‏.‏
Abu Sa'id al-Khudri (Allah be pleased with him) reported that Allah's Messenger (ﷺ) was asked about 'azl, whereupon he said:The child does not come from all the liquid (sermen) and when Allah intends to create anything nothing can prevent it (from coming into existence)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।