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सहीह मुस्लिम

नंबर 3551

नंबर 3551किताब 16, नंबर 153अरबी नंबरिंग 1438.08
وَحَدَّثَنِي حَجَّاجُ بْنُ الشَّاعِرِ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنِ ابْنِ عَوْنٍ، قَالَ حَدَّثْتُ مُحَمَّدًا، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، بِحَدِيثِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ بِشْرٍ - يَعْنِي حَدِيثَ الْعَزْلِ - فَقَالَ إِيَّاىَ حَدَّثَهُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ بِشْرٍ، ‏.‏
Ibn 'Aun reported:I reported to Muhammad on the authority of Ibrahim the hadith reported by 'Abd al-Rahmann b. Bishr (the hadith concerning 'azl), where- upon he said: That (hadith) Abd al-Rahman b. Bishr had narrated to me (also)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।