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सहीह मुस्लिम

नंबर 3490

नंबर 3490किताब 16, नंबर 92अरबी नंबरिंग 1427.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى التَّمِيمِيُّ، وَأَبُو الرَّبِيعِ، سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ الْعَتَكِيُّ وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ وَاللَّفْظُ لِيَحْيَى قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآخَرَانِ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم رَأَى عَلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ أَثَرَ صُفْرَةٍ فَقَالَ ‏"‏ مَا هَذَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي تَزَوَّجْتُ امْرَأَةً عَلَى وَزْنِ نَوَاةٍ مِنْ ذَهَبٍ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَبَارَكَ اللَّهُ لَكَ أَوْلِمْ وَلَوْ بِشَاةٍ ‏"‏
Anas b. Malik reported that Allah's Apostle (ﷺ) saw the trace of yellowness on 'Abd al-Rahman b. 'Auf and said:What is this? Thereupon he said: Allah's Messenger, I have married a woman for a date-stone's weight of gold. He said: God bless you! Hold a wedding feast, even if only with a sheep

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।